तीन आँकड़े, जिनसे बात शुरू होती है
- 3–5% — हर आय वर्ग, हर भाषा और हर तरह के school में, इतने बच्चे gifted होते हैं।
- 1 करोड़ से ज़्यादा — भारत के school system में इस वक़्त मौजूद gifted बच्चे। इनमें से लगभग किसी की पहचान नहीं हुई है।
- शून्य — भारत में gifted education की राष्ट्रीय नीतियाँ। दुनिया के 35 से ज़्यादा देशों में ऐसी नीति है।
giftedness क्या है — और क्या नहीं है
gifted होना topper होना नहीं है। यह CBSE के exam में 98% लाना या साफ़-सुथरी copy रखना नहीं है।
हमारे school system ने माता-पिता और teachers को एक ही चीज़ सिखाई है — पढ़ाई में आज्ञाकारी होना, यानी याद रखना, दोहराना और प्रदर्शन करना। और उसी को असली बौद्धिक giftedness मान लिया गया है।
ये दोनों एक चीज़ नहीं हैं। कई बार ये एक-दूसरे के उलट होती हैं।
सबसे ज़्यादा मानी जाने वाली परिभाषा — जो अमेरिका की National Association for Gifted Children ने बनाई और जिसे दुनिया भर के शोधकर्ताओं ने अपनाया — कहती है कि gifted वे लोग हैं जो एक या ज़्यादा क्षेत्रों में असाधारण योग्यता या क्षमता दिखाते हैं: बौद्धिक, रचनात्मक, कलात्मक या नेतृत्व।
ध्यान देने वाला शब्द है दिखाते — “number लाते” नहीं। giftedness व्यवहार, जिज्ञासा, गहराई और तीव्रता में दिखती है, marks में आने से बहुत पहले।
asynchronous development — असमान विकास
gifted बच्चे की सबसे बड़ी पहचान यही है। दिमाग़ अपनी भावनात्मक उम्र और सामाजिक विकास से आगे दौड़ता है।
वह गहराई से सोचता है, लगातार सवाल करता है, तेज़ी से महसूस करता है — और इसी वजह से उसे बदतमीज़, मुश्किल या घमंडी समझ लिया जाता है।
bright बच्चा और gifted बच्चा
bright बच्चा
- जवाब जानता है
- विषय में दिलचस्पी रखता है
- ध्यान देता है
- अच्छे विचार रखता है
- मेहनत करता है
- सवालों के जवाब देता है
- school पसंद करता है
- जानकारी सोख लेता है
- 90 से 100% लाता है
gifted बच्चा
- जवाब पहले से जानता है
- जिज्ञासा तीव्र, लगभग जुनूनी
- खोया रहता है, दिमाग़ कहीं और चला जाता है
- अजीब, अनोखे विचार रखता है
- खेलता-कूदता रहता है, फिर भी test अच्छा देता है
- सवालों पर ही सवाल करता है
- अक्सर ऊबा और झुंझलाया रहता है
- जानकारी को उलट-पलट कर देखता है
- number कुछ भी आ सकते हैं
भारत में यह बात अलग क्यों है
पश्चिम में बनी पहचान की व्यवस्थाएँ अंग्रेज़ी-माध्यम और पश्चिमी माहौल के बच्चों के लिए बनी हैं। वे एक ख़ास शब्द-भंडार, एक ख़ास घर और एक ख़ास तरह के school को मानकर चलती हैं। भारत के बहुसंख्य बच्चों पर ये काम नहीं करतीं।
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माता-पिता के लिए observational checklist
यह test नहीं है। इसमें कोई score नहीं है। ये कुछ बातें देखने की सूची है — ऐसी निशानियाँ जो मिलकर यह इशारा करती हैं कि आप एक gifted बच्चे को देख रहे हो सकते हैं।
अगर इनमें से दस या ज़्यादा जाने-पहचाने लगें, तो आगे पढ़िए।
1. तीव्र जिज्ञासा और सवाल
“क्यों” और “कैसे” लगातार पूछता है, जवाब देने के बाद भी। ऐसे सवाल पूछता है जो बड़ों को हैरान कर दें। ऊपरी जवाब से संतुष्ट नहीं होता। किसी एक विषय के पीछे लंबे समय तक जुनून की हद तक पड़ा रहता है।
2. भाषा जल्दी और आगे की
जल्दी बोलना शुरू किया, या उम्र से जटिल वाक्य बोले। शब्द-भंडार बड़ा है। school जाने से पहले ही ख़ुद पढ़ना सीख लिया हो सकता है। कहानियाँ ऐसी बनावट और गहराई से सुनाता है जो उम्र से आगे लगती है।
3. तेज़ सीखना — लेकिन रटना नहीं
नई बात बहुत जल्दी पकड़ लेता है, लेकिन रटने से चिढ़ता है। बात तुरंत समझ जाता है, मगर exam जिस तरह याद करके लिखवाना चाहता है, वैसे नहीं लिख पाता। समझ और याददाश्त के प्रदर्शन के बीच का यही फ़ासला सबसे बड़ा संकेत है।
4. तेज़ भावनाएँ और संवेदनशीलता
साथी बच्चों से ज़्यादा गहराई से महसूस करता है। अन्याय पर रो देता है, नाइंसाफ़ी पर बहुत गुस्सा होता है, news और कहानियों से इस तरह प्रभावित होता है जैसे दूसरे बच्चे नहीं होते। आवाज़, कपड़े की बुनावट या माहौल के प्रति बहुत संवेदनशील।
5. अलग तरह का हास्य
बड़ों के मज़ाक़ समझ जाता है। शब्दों से खेलता है। ऐसी व्यंग्य-दृष्टि रखता है जो बड़ों को चौंका दे। हास्य अपनी उम्र के बच्चों से ज़्यादा परिपक्व।
6. perfectionism — कभी संतुष्ट नहीं
अपने लिए बहुत ऊँचे मानक रखता है। जो काम उसे अधूरा लगे, उसे जमा करने से मना कर देता है। 98% पर रो देता है क्योंकि 100% नहीं आया। जो किया और जो कर सकता था — उसके बीच का फ़ासला उसे हमेशा दिखता है।
7. ऊब और school से चिढ़
classwork बहुत जल्दी ख़त्म कर देता है और फिर class में गड़बड़ करता है, खो जाता है, या शरारत करता है। कहता है school बोरिंग है। जो homework बेमतलब दोहराव लगे, उसे करने से मना कर देता है।
यह आलस नहीं है — यह बच्चे की रफ़्तार और syllabus की रफ़्तार का मेल न खाना है।
8. बड़ों का साथ पसंद
अपनी उम्र के बच्चों से ज़्यादा बड़ों या बड़े बच्चों के साथ सहज रहता है। हमउम्र बच्चों से बातचीत उसे अधूरी लगती है। साथियों के बीच झिझक, बड़ों के बीच पूरी सहजता।
9. न्याय की तेज़ समझ
नाइंसाफ़ी पर परेशान हो जाता है — class में, दुनिया में, कहानियों में। जो नियम उसे बेवजह लगे, उस पर teacher से बहस कर लेता है। नैतिकता की मज़बूत समझ, जो अधिकार से टकराती है।
10. चीज़ें खोलकर देखना
radio, खिलौने, घर का सामान खोल देता है — तोड़ने के लिए नहीं, यह समझने के लिए कि वह चलता कैसे है। व्यवस्थाएँ बनाता है, चीज़ें जोड़ता है, बदल देता है। यह खेल से आगे की यांत्रिक जिज्ञासा है।
11. एक विषय में गहरा जुनून
खगोल विज्ञान, प्राचीन इतिहास या electronics — किसी एक चीज़ में उम्र से बहुत आगे की गहराई। यह समस्या नहीं है। यह उसकी ताक़त है।
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