क्या मेरा बच्चा gifted है?

भारतीय बच्चों में giftedness पहचानने के लिए माता-पिता की guide — Dr Inderbir Kaur Sandhu के 30 साल के clinical अनुभव पर आधारित।

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gifted — यानी वह बच्चा जिसका दिमाग़ औसत से अलग तरीक़े से काम करता है। यह सिर्फ़ अच्छे marks लाने वाला बच्चा नहीं है, और यह कोई तारीफ़ नहीं है — यह सोचने का एक अलग तरीक़ा है।

आपने कुछ notice किया है

अगर आप इस page तक पहुँचे हैं, तो शायद आपने कुछ देखा है। आपका बच्चा ऐसे सवाल पूछता है जिनके जवाब किसी के पास नहीं होते। किसी चीज़ में उसका मन जल्दी उचट जाता है, और फिर किसी और चीज़ में वह घंटों डूबा रहता है। वह गहराई से महसूस करता है। वह वो चीज़ें notice करता है जो बड़े लोग भी नहीं देखते। और कहीं न कहीं आपके मन में यह सवाल आया — क्या मेरा बच्चा gifted है?

यह page आपको उस सवाल का ईमानदार जवाब देने में मदद करेगा। किसी ऐसी checklist से नहीं जो पक्का जवाब देने का दावा करे, बल्कि उसी नज़र से जिससे Dr Inderbir Kaur Sandhu — Cambridge से पढ़ी हुई psychologist और gifted education specialist — हर हफ़्ते अपने assessment room में बच्चों को देखती हैं।

संकेत पढ़ने से पहले यह जान लें giftedness कोई medal नहीं है, कोई ranking नहीं है, और ऐसी चीज़ नहीं जो एक दोपहर का test साबित कर दे। यह एक pattern है — सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने का — जो बहुत सारे छोटे-छोटे पलों में दिखाई देता है। किसी बच्चे में नीचे दिए गए सभी लक्षण होना ज़रूरी नहीं। कुछ gifted बच्चे साफ़ दिखते हैं। कुछ चुपचाप तीव्र होते हैं, या boredom, anxiety या ख़राब व्यवहार के पीछे छिपे रहते हैं। यह list observation की शुरुआत है — diagnosis नहीं।

9 संकेत जिन पर ध्यान दें

संकेत 1

दिमाग़ जो कभी रुकता नहीं

आपका बच्चा मानसिक रूप से बेचैन लगता है। सोने से पहले सवाल पूछता है, सुबह नए सवालों के साथ उठता है, और शरीर शांत होने पर भी दिमाग़ चलता रहता है। gifted बच्चों के माता-पिता सबसे ज़्यादा यही बताते हैं।

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संकेत 2

असाधारण सवाल पूछता है

सिर्फ़ बहुत सवाल नहीं, बल्कि अजीब सवाल। ब्रह्मांड के बारे में, भगवान के बारे में, मौत के बारे में, न्याय के बारे में, चीज़ें कैसे काम करती हैं इसके बारे में — ऐसे सवाल जो किसी बड़े इंसान के लगते हैं।

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संकेत 3

दोहराव वाले काम से चिढ़ता है

gifted बच्चे अक्सर कोई concept बहुत कम समय में समझ लेते हैं, और फिर उसकी practice करने से मना कर देते हैं। जो ज़िद या आलस लगता है, वह अक्सर दिमाग़ का दोहराव को नकारना होता है। भारतीय classroom में यह सबसे ग़लत समझा जाने वाला संकेत है।

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संकेत 4

हर चीज़ बहुत गहराई से महसूस करता है

भावनात्मक तीव्रता — आवाज़, कपड़े की बनावट, अन्याय या सुंदरता पर बहुत तेज़ प्रतिक्रिया। आपका बच्चा उन बातों पर रो सकता है जिन्हें बाक़ी लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं, या संगीत, जानवरों और किसी अजनबी के साथ हुए बुरे बर्ताव से गहराई से हिल सकता है।

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संकेत 5

अक्सर ADHD समझ लिया जाता है

gifted बच्चे distracted, बेचैन या ध्यान न देने वाले लग सकते हैं — ख़ास तौर पर जब उन्हें boredom हो या class की रफ़्तार उनकी सोच से धीमी हो। कई बच्चों को ADHD का label मिल जाता है जबकि असली दिक़्क़त उनके दिमाग़ और उनके माहौल के बीच का mismatch है।

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संकेत 6

बड़ों या बड़े बच्चों के साथ रहना पसंद करता है

आपका बच्चा family gathering में बड़ों के साथ बैठ सकता है, अपनी उम्र के बच्चों को "बचकाना" कह सकता है, या classmates से ज़्यादा teacher से जुड़ सकता है। यह ख़राब social skill नहीं है। यह एक दिमाग़ है जो अपने जैसी बातचीत ढूँढ रहा है।

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संकेत 7

ग़लती करने से डरता है

कुछ gifted बच्चे वह काम करने से ही बचते हैं जो वे perfect तरीक़े से नहीं कर सकते। उनकी अपनी नज़र में उनकी क़ीमत "होशियार बच्चा" होने से जुड़ जाती है, और ग़लती असहनीय लगने लगती है। यह perfectionism है, आलस नहीं — और यह हार मान लेने जैसा दिख सकता है।

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संकेत 8

बहुत जल्दी सीखता है, बाक़ी बच्चों से आगे

पढ़ना, गिनना, drawing, coding — gifted बच्चे अक्सर milestones जल्दी पार कर लेते हैं, कभी-कभी सालों पहले। लेकिन सभी नहीं। कुछ बच्चे fit होने के लिए अपनी क़ाबिलियत छिपा लेते हैं। कुछ उसे सिर्फ़ उस विषय में दिखाते हैं जो उन्हें पसंद है।

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संकेत 9

असमान विकास — asynchronous development

giftedness की एक बड़ी पहचान: दिमाग़ आगे दौड़ता है जबकि भावनात्मक और social विकास अपनी सामान्य रफ़्तार से चलता है। 8 साल का बच्चा जो 15 साल के स्तर की किताब पढ़ता है, वह रोता अब भी 8 साल के बच्चे की तरह ही है। यह सामान्य है — लेकिन माता-पिता और teachers को उलझा देता है, जो मान लेते हैं कि समझदारी हर जगह एक-सी होगी।

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giftedness क्या नहीं है

भ्रमgifted होने का मतलब है हमेशा first आना।
असलियतकई gifted बच्चे underachieve करते हैं — ख़ास तौर पर जब उन्हें boredom हो, कोई समझे नहीं, या वे twice-exceptional हों। Marks एक data point हैं, पूरी तस्वीर नहीं।
भ्रमgifted बच्चे अपने आप सँभल जाएँगे।
असलियतबिना support के gifted बच्चे भावनात्मक, social या academic रूप से संघर्ष करते हैं। पहचान और देखभाल दोनों ज़रूरी हैं।
भ्रमgiftedness या तो होती है या नहीं होती — switch की तरह।
असलियतgiftedness एक profile है, label नहीं। यह एक continuum पर होती है और अलग-अलग क्षेत्रों में अलग दिखती है — भाषा, spatial सोच, रचनात्मकता, गणित, सामाजिक समझ।
भ्रमअगर बच्चा gifted है तो सबको दिख जाएगा।
असलियतकई gifted बच्चे सालों तक unrecognised रह जाते हैं — ख़ास तौर पर लड़कियाँ, twice-exceptional बच्चे, और वे बच्चे जिनके घर-परिवार में अलग दिखना अच्छा नहीं माना जाता।

भारत में testing की सच्चाई

भारत में इस्तेमाल होने वाले ज़्यादातर IQ tests ऐसी आबादी पर बनाए गए थे जो भारतीय बच्चों से बिलकुल अलग है। मेरठ में पलने वाला बच्चा जिस हिंदी में सोचता है, वह कोल्हापुर के बच्चे की हिंदी से अलग है — और California या Cambridge के बच्चे की दुनिया से तो पूरी तरह अलग।

सांस्कृतिक रूप से बेमेल tests से भारतीय gifted बच्चों को पहचानने की कोशिश में सबसे क़ाबिल बच्चे छूट जाते हैं, और जिन बच्चों को English-medium का ज़्यादा exposure मिला है उन्हें अनुचित फ़ायदा मिल जाता है।

अगर आप formal testing करवा रहे हैं ऐसे psychologist के साथ काम करें जो updated assessments इस्तेमाल करते हों और भारतीय बच्चों का सांस्कृतिक संदर्भ समझते हों। तीन सवाल ज़रूर पूछें — कौन सा test, किस edition का; मेरे बच्चे की तुलना किस norm sample से हो रही है; और test मेरे बच्चे की सबसे मज़बूत भाषा में होगा या नहीं।

IQ test पर पूरा लेख पढ़ें (English में) →

twice-exceptional (2e) बच्चे

कुछ बच्चे gifted होते हैं और उनके साथ कोई learning difference भी होती है — dyslexia, ADHD, autism spectrum, या anxiety। ऐसे बच्चों को "twice-exceptional" या 2e कहा जाता है। किसी भी शिक्षा व्यवस्था में ये सबसे ग़लत समझे जाने वाले बच्चे होते हैं।

2e बच्चे की क़ाबिलियत उसकी कठिनाइयों को छिपा देती है, और उसकी कठिनाइयाँ उसकी क़ाबिलियत को। teachers को सिर्फ़ दिक़्क़त दिखती है; माता-पिता को सिर्फ़ चमक। बच्चे को ख़ुद लगता है कि उसे कोई ठीक से देख ही नहीं रहा। अगर आपका बच्चा आपको उलझा देता है — कुछ चीज़ों में असाधारण, कुछ में संघर्ष करता — तो 2e को समझना ज़रूरी है।

2e पर पूरा लेख पढ़ें (English में) →

आगे क्या करें

पहले observe करें

दो हफ़्ते सिर्फ़ pattern देखने में लगाएँ, अलग-अलग पलों में नहीं। कौन से संकेत बार-बार दिखते हैं? किस माहौल में? आपका बच्चा किस चीज़ की तरफ़ खिंचता है, और कौन सी चीज़ उसे बंद कर देती है? pattern एक-एक घटना से ज़्यादा मायने रखते हैं।

लेख पढ़ें

इस page पर दिए गए लेख Dr Inderbir ने आपके जैसे माता-पिता के साथ सालों की बातचीत के बाद लिखे हैं। इन्हें पढ़ने से आपके सवाल साफ़ होंगे और आप अपने बच्चे को ज़्यादा ठीक से देख पाएँगे। ये फ़िलहाल English में हैं; हिंदी versions पर काम चल रहा है।

ज़रूरत हो तो पेशेवर मदद लें

अगर pattern बने रहते हैं और घर या school का support काफ़ी नहीं लग रहा, तो gifted assessment का अनुभव रखने वाले psychologist से बात करने पर विचार करें। Dr Inderbir की practice, Mind Path Consulting, भारत और अन्य देशों के परिवारों के लिए consultation देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा बच्चा gifted है?
कोई एक ऐसा test नहीं है जो हाँ या ना में जवाब दे दे। giftedness सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने का एक pattern है जो बहुत सारे छोटे पलों में दिखता है। अगर आपके बच्चे में इस page के कई संकेत लगातार दिखते हैं, तो वह pattern giftedness की ओर इशारा करता है।
किस उम्र में giftedness पहचानी जा सकती है?
कुछ संकेत — तेज़ जिज्ञासा, जल्दी बोलना, असामान्य रूप से लंबा ध्यान — तीन साल से पहले भी दिख सकते हैं। औपचारिक assessment आमतौर पर पाँच या छह साल की उम्र के बाद ज़्यादा भरोसेमंद होते हैं।
क्या IQ tests भारतीय बच्चों के लिए सही हैं?
हो सकते हैं, लेकिन भारत में इस्तेमाल होने वाले ज़्यादातर tests ऐसी आबादी पर बनाए गए थे जो भारतीय बच्चों से अलग है। ऐसे psychologist चुनें जो updated assessments इस्तेमाल करते हों और भारतीय भाषाई और सांस्कृतिक माहौल को समझते हों।
मेरा बच्चा होशियार है लेकिन school में संघर्ष करता है। क्या वह फिर भी gifted हो सकता है?
हाँ। underachievement gifted बच्चों में आम है — ख़ास तौर पर जब उन्हें boredom हो, कोई समझे नहीं, या वे twice-exceptional हों। संघर्ष giftedness को ख़ारिज नहीं करता; कई बार वही इसका संकेत होता है।
क्या giftedness चिंता की बात है?
giftedness कोई समस्या नहीं है जिसे ठीक करना हो। यह एक profile है जिसे समझ और support की ज़रूरत होती है। अनदेखा रह जाने पर gifted बच्चे भावनात्मक या social रूप से संघर्ष कर सकते हैं। पहचाने और सँभाले जाने पर वे आमतौर पर खिल उठते हैं।
gifted और twice-exceptional में क्या फ़र्क़ है?
gifted बच्चे एक या ज़्यादा क्षेत्रों में असाधारण क़ाबिलियत दिखाते हैं। twice-exceptional (2e) बच्चे gifted होने के साथ-साथ कोई learning difference भी रखते हैं — जैसे dyslexia, ADHD, autism या anxiety। दोनों को अलग-अलग पहचानना और support करना ज़रूरी है।

अपने बच्चे को आप सबसे बेहतर जानते हैं

जिस भी माता-पिता ने कभी यह सवाल पूछा है — क्या मेरा बच्चा gifted है — उसने प्यार से पूछा है। आपने कुछ notice किया। आपने ध्यान दिया। यह अपने आप में किसी भी label से ज़्यादा मायने रखता है।

formal assessment giftedness की पुष्टि करे या न करे, ये लेख पढ़कर आप जो observation की नज़र बनाएँगे, वह आपको अपने बच्चे को ज़्यादा सही तरीक़े से देखने और ज़्यादा असरदार तरीक़े से support करने में मदद करेगी। बात यही है।

कोई सवाल है? लिखें।

अगर इन संकेतों में आपको अपना बच्चा दिखा, या कुछ पूछना है — WhatsApp पर लिखें। हम पढ़ते हैं।