भारत का पहला gifted education platform
भारत में लाखों gifted बच्चों को कहा जाता है कि वे आलसी हैं, हद से ज़्यादा हैं, या कोशिश नहीं करते। वे इनमें से कुछ भी नहीं हैं। उनका दिमाग़ अलग तरह से बना है — और उन्हें देखा जाना चाहिए।
gifted — यानी वह बच्चा जिसका दिमाग़ औसत से अलग तरीक़े से काम करता है। यह सिर्फ़ अच्छे marks लाने वाला बच्चा नहीं है, और यह कोई तारीफ़ नहीं है — यह सोचने का एक अलग तरीक़ा है।
ये सवाल भारतीय माता-पिता teachers, paediatricians और एक-दूसरे से पूछते हैं — क्योंकि हमारी schooling और parenting advice औसत बच्चों के लिए बनी है। किसी पर भी tap करें और समझें कि असल में क्या हो रहा है।
“यह बच्चा बहुत अजीब और मुश्किल सवाल पूछता है — ब्रह्मांड के बारे में, भगवान के बारे में, मौत के बारे में। क्या यह normal है?”
“school वाले कहते हैं कि यह class में bore होता है, ध्यान नहीं देता और बेचैन रहता है। क्या इसका focus कमज़ोर हो रहा है — या class इसकी सोच से बहुत धीमी है?”
“यह अपनी उम्र के बच्चों के साथ घुल-मिल नहीं पाता, क्योंकि इसकी बातें बड़ों जैसी होती हैं। इसे कैसे सँभालें?”
“क्या हमें छिपाना चाहिए कि हमारा बच्चा इतना तेज़ है — वरना लोग नज़र लगा देंगे, या बच्चा घमंडी हो जाएगा?”
“वह हर चीज़ perfect चाहती है। जैसे ही काम मुश्किल होता है, वह छोड़ देती है या घबरा जाती है। यह डर कहाँ से आता है?”
“चालीस बच्चों की एक आम class में उसे मुश्किल काम कैसे मिले — और वह सबसे अलग भी न पड़ जाए?”
ये बातें बुरे इरादे से नहीं कही जातीं। ये उन लोगों से आती हैं जिन्हें कभी बताया ही नहीं गया कि giftedness एक असली, समझी जा सकने वाली भिन्नता है।
“आजकल तो हर माता-पिता को लगता है कि उनका ही बच्चा special या gifted है।”
giftedness एक तरीक़ा है जिससे दिमाग़ दुनिया को समझता है — यह कोई तारीफ़ नहीं जो माता-पिता ख़ुद को दे देते हैं। असल में यह कैसा दिखता है, यहाँ पढ़ें।
और पढ़ें →“अभी तो छोटा है — आगे चलकर यह सारा तेज़पन कम हो जाएगा।”
पचास साल के longitudinal research कुछ और कहते हैं। जो कम होती है वह क़ाबिलियत नहीं — वह engagement है, जब उसे कोई पोषण नहीं मिलता।
और पढ़ें →भारत में अच्छे marks और giftedness को एक ही चीज़ मान लिया जाता है। ये दो अलग चीज़ें हैं — और यह फ़र्क़ समझ लेना सब कुछ बदल देता है।
हमारे एक co-founder ने 47 साल तक इसे जिया, बिना इसका नाम जाने। दूसरी ने तीन दशक gifted बच्चों के assessment में बिताए हैं। भारतीय माता-पिता को दोनों की ज़रूरत है।
हमारे लेख फ़िलहाल English में हैं और हिंदी versions पर काम चल रहा है। सवाल हो, या आपको अपने बच्चे में कुछ पहचाना हुआ लगा हो — WhatsApp पर लिखें।