वह होशियार भी है और उसे दिक़्क़त भी है। दोनों सच हैं।

twice-exceptional (2e) बच्चे — जब एक ही बच्चे में मज़बूती और मुश्किल साथ रहती हैं

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twice-exceptional (2e) — यानी वह बच्चा जो एक साथ gifted भी है और जिसे सीखने, ध्यान या किसी दूसरे क्षेत्र में असली कठिनाई भी है। दोनों बातें एक ही बच्चे में होती हैं।

GiftedKids.in की ओर से

एक ही बच्चे के बारे में दो बातें सच होती हैं, और school एक बार में सिर्फ़ एक सँभाल पाता है। बातचीत में शानदार, लिखकर एक पन्ना पूरा करने में फँसा हुआ। अपनी class से बहुत आगे की किताबें पढ़ लेता है, और bag ठीक से नहीं लगा पाता। तो उसे एक ही नाम मिल जाता है — होशियार है, पर आलसी। और असल में जो हो रहा है, उसके दोनों हिस्से छूट जाते हैं।

यह लेख GiftedKids.in ने भारतीय परिवारों के लिए लिखा है — किसी अंग्रेज़ी लेख का अनुवाद नहीं। इसका आधार Dr Inderbir Kaur Sandhu, PhD (Cambridge) का clinical काम है, जो भारत के बाहर की practice से आता है। भारतीय school, marks और परिवार का संदर्भ GiftedKids.in का अपना है। पूरा विवरण · उनका मूल अंग्रेज़ी लेख यहाँ

"एक ही बच्चा कुछ में इतना आगे और कुछ में इतना पीछे कैसे?"

एक माता-पिता ने पूछा — "मेरा बच्चा कुछ चीज़ों में इतना आगे है, और कुछ में इतना संघर्ष करता है। यह कैसे हो सकता है?"

बहुत परिवारों के लिए twice-exceptional शब्द सुनना राहत का पल होता है। बरसों की उलझन को एक नाम मिल जाता है।

क्योंकि तब तक उन्हें दो अलग-अलग बातें बताई जा चुकी होती हैं — कोई कहता है बच्चा बहुत तेज़ है, कोई कहता है बच्चा मेहनत नहीं करता। और दोनों बातें एक साथ सच नहीं लगतीं।

giftedness और सीखने की कठिनाई एक-दूसरे के उलट नहीं हैं। वे एक ही बच्चे में साथ रह सकती हैं।

2e बच्चे क्यों छूट जाते हैं

twice-exceptionality पहचानना मुश्किल होता है, क्योंकि मज़बूती और कठिनाई एक-दूसरे को छिपा लेती हैं।

तेज़ दिमाग़ किसी कठिनाई की भरपाई कर लेता है, इसलिए दिक़्क़त सामने नहीं आती — बच्चा बस "अपनी क्षमता से कम कर रहा" दिखता है। और उसी तरह, कोई कठिनाई इतनी सामने रहती है कि उसके पीछे की असाधारण क्षमता किसी को दिखती ही नहीं।

नतीजा यह होता है कि दोनों में से किसी एक को ही देखा जाता है। और जिस हिस्से को देखा नहीं गया, उसी की ज़रूरत अनदेखी रह जाती है।

भारत में इसके लिए कोई तीसरा डिब्बा नहीं है

यह हिस्सा GiftedKids.in का अपना है।

हमारे school system के पास दो श्रेणियाँ हैं — होशियार और कमज़ोर। तीसरी कोई नहीं। जो बच्चा दोनों में आता है, उसे मजबूरी में किसी एक में डाल दिया जाता है, और आमतौर पर वह डिब्बा वही होता है जिससे इस term में परेशानी हो रही है।

दूसरी बात, हमारे यहाँ सीखने की कठिनाई पर शर्म जुड़ी हुई है। dyslexia या ध्यान की दिक़्क़त को कमी माना जाता है, इसलिए परिवार उसे छिपाते हैं — रिश्तेदारों से, school से, कई बार बच्चे से भी। जो चीज़ छिपाई जाती है, उसका इलाज नहीं होता।

"आलसी", "लापरवाह", "बहाने बनाता है" — ये तीन शब्द भारत में उन बच्चों पर सबसे ज़्यादा लगते हैं जिनकी असली दिक़्क़त कभी जाँची ही नहीं गई।

और तीसरी बात, जो कम लोग जानते हैं: भारत के boards में सीखने की कठिनाई वाले बच्चों के लिए रियायतें मौजूद हैं — अतिरिक्त समय, writer की सुविधा, कुछ विषयों में छूट। लेकिन इन्हें पाने के लिए एक औपचारिक assessment चाहिए। जो परिवार जाँच से बचता रहता है, वह अनजाने में वह मदद भी खो देता है जिसका उसका बच्चा हक़दार है।

assessment room में जो दिखता है

सबसे ज़्यादा ग़लत समझे गए बच्चों में twice-exceptional बच्चे आते हैं।

माता-पिता अक्सर बताते हैं कि बच्चा घर पर हैरान कर देने वाली बातें करता है और school की copy में वही बच्चा पीछे रह जाता है। कहीं वह कमाल का है, कहीं अटक जाता है — और दोनों एक ही हफ़्ते में।

जब जाँच पूरे बच्चे को देखती है, तो तस्वीर साफ़ होती है। और तब बातचीत बदल जाती है — "यह क्यों नहीं कर पा रहा" से "इसे किस चीज़ की मदद चाहिए" तक।

माता-पिता क्या कर सकते हैं

भ्रम

gifted बच्चे में सीखने की कठिनाई नहीं हो सकती।

हक़ीक़त

giftedness और कठिनाइयाँ साथ रह सकती हैं। दोनों को समझना ही बच्चे को सही मदद दिलाता है।

GiftedKids.in की बात

इस काम का सबसे बड़ा सौभाग्य यही है — परिवारों को पूरा बच्चा दिखा पाना।

कोई बच्चा अपनी सबसे तेज़ ख़ूबी से बड़ा होता है, और अपनी सबसे बड़ी दिक़्क़त से भी बड़ा। दोनों उसमें हैं, और दोनों असली हैं।

जिस दिन घर और school दोनों हिस्सों को एक साथ देखने लगते हैं, बच्चे पर से वह बोझ उतर जाता है जो उसे बरसों से बिना नाम के ढोना पड़ रहा था।

शाम की रोशनी में एक माँ ज़मीन पर बैठकर अपने छोटे बेटे के हाथ थामे उससे बात कर रही है

और गहराई से पढ़ने के लिए

ये सब अंग्रेज़ी में हैं। gifted education पर भरोसेमंद हिंदी सामग्री लगभग नहीं है — यही एक वजह है कि यह site बन रही है।

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जब दोनों हिस्से देखे जाने ज़रूरी हों

जिस बच्चे की क्षमता और कठिनाई एक-दूसरे को छिपा रही हों, उसे किसी भी एक दिशा में ग़लत समझ लेना बहुत आसान है। एक पूरा assessment पूरे बच्चे को देखता है — सिर्फ़ उस हिस्से को नहीं जो इस term में परेशानी दे रहा है।

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consultation Dr Inderbir की अपनी practice Mind Path के साथ होती है। GiftedKids.in clinical सवालों का जवाब नहीं दे सकता।